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GPay, PhonePe या Paytm वाला फोन चोरी? अभी यह करें।
भारत में चोरा हुआ फोन मतलब चोरा हुआ बटुआ भी। यहां जानें हर पेमेंट ऐप ब्लॉक करें, बैंक खाता बचाएं — सही क्रम में, जितनी जल्दी हो सके।
पहले 30 मिनट में कार्य करें
अधिकांश UPI धोखाधड़ी फोन चोरी के 30–60 मिनट के अंदर होती है। SIM ब्लॉक करना आपकी सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई है — यह चोर तक OTP पहुँचना बंद कर देता है।
चरण 1: SIM ब्लॉक करें (सबसे महत्वपूर्ण)
भारत में हर UPI ट्रांजेक्शन के लिए आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आता है। SIM ब्लॉक करने से यह रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है।
- Jio: 1800-889-9999 — फ्री, 24/7। 'ब्लॉक माई SIM' कहें — Aadhaar या वैकल्पिक नंबर से सत्यापन।
- Airtel: 121 — खोए/चोरी हुए SIM के लिए विकल्प दबाएं।
- Vi (Vodafone Idea): 199 — इमर्जेंसी SIM ब्लॉक माँगें।
- BSNL: 1800-180-1503 — ID के साथ नज़दीकी BSNL ऑफिस जाएं।
चरण 2: हर UPI ऐप ब्लॉक करें
- Google Pay (GPay): pay.google.com पर लॉगिन → Settings → Manage linked accounts। या 1-800-419-0157 पर कॉल करें। myaccount.google.com → Security → Your devices से डिवाइस हटाएं।
- PhonePe: सपोर्ट: 080-68727374। या support@phonepe.com पर ईमेल। दूसरे डिवाइस पर PhonePe इंस्टॉल करें → Login → पुराना डिवाइस डीरजिस्टर करें।
- Paytm: हेल्पलाइन: 0120-4456-456। या paytm.com → Profile → Security → Deactivate on lost device।
- BHIM / बैंक UPI ऐप्स: बैंक की 24/7 हेल्पलाइन पर UPI फ्रीज़ करने को कहें। NPCI हेल्पलाइन: 1800-120-1740।
चरण 3: बैंक को कॉल करें
बैंक की 24/7 हेल्पलाइन पर खाता अस्थायी रूप से फ्रीज़ करने या UPI/NEFT/IMPS आउटगोइंग ट्रांजेक्शन ब्लॉक करने को कहें।
- SBI: 1800-11-2211
- HDFC Bank: 1800-202-6161
- ICICI Bank: 1800-200-3344
- Axis Bank: 1800-419-5959
- Kotak Bank: 1860-266-2666
- Bank of Baroda: 1800-258-4455
- Punjab National Bank: 1800-180-2222
- Canara Bank: 1800-425-0018
चरण 4: साइबर क्राइम में रिपोर्ट करें
- 1930 (राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन): 24/7 उपलब्ध। धोखाधड़ी वाले ट्रांजेक्शन फ्रीज़ करने के लिए बैंकों से सीधे समन्वय।
- cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें: पूरे ट्रांजेक्शन विवरण के साथ — UPI संदर्भ संख्या, राशि, समय, प्राप्तकर्ता UPI ID।
- स्थानीय थाने में FIR दर्ज करें: धोखाधड़ी वाले ट्रांजेक्शन का बैंक स्टेटमेंट लाएं।
UPI धोखाधड़ी कैसे होती है
- स्क्रीन अनलॉक + ऐप खोलें (उच्च जोखिम): अगर PIN नहीं या PIN अंदाज़ा लग जाए, तो GPay या PhonePe सीधे खुलता है। ₹5,000 से कम ट्रांसफर के लिए अधिकांश ऐप्स दूसरा PIN नहीं माँगते। समाधान: मज़बूत लॉक स्क्रीन PIN और अलग UPI PIN।
- SIM स्वैप / OTP इंटरसेप्शन (उच्च जोखिम): चोर के पास SIM है तो बड़े ट्रांसफर के OTP मिलते हैं। समाधान: 30 मिनट के अंदर SIM ब्लॉक करें।
- सेव्ड कार्ड / ऑटो-पे शोषण (मध्यम जोखिम): Amazon, Flipkart, Myntra जैसे शॉपिंग ऐप्स पर सेव्ड कार्ड का दुरुपयोग। समाधान: PC पर शॉपिंग ऐप वेबसाइट से सेव्ड कार्ड हटाएं।
होने से पहले खुद को बचाएं
- लॉक स्क्रीन PIN से अलग UPI PIN रखें।
- सभी पेमेंट ऐप्स पर ऐप लॉक सक्षम करें।
- दैनिक UPI ट्रांजेक्शन लिमिट सेट करें (जैसे ₹10,000)।
- दूसरे डिवाइस पर सभी बैंक हेल्पलाइन नंबर सेव करें।
- Raksha का रिमोट लॉक उपयोग करें: Lost mode एक्टिवेट करने से स्क्रीन तुरंत लॉक हो जाती है।
त्वरित संदर्भ: कॉल करने वाले नंबर
- 1930 — साइबर क्राइम हेल्पलाइन
- 112 — राष्ट्रीय आपातकाल
- 1800-120-1740 — NPCI / UPI